शिव भक्तों के लिए शिव चालीसा एक शक्तिशाली स्तुति है।
इसमें भगवान शिव की महिमा, करुणा, शक्ति और कृपा का विस्तार से वर्णन मिलता है।
लेकिन कई लोगों को इसके कठिन शब्दों का अर्थ समझने में परेशानी होती है।
इस पोस्ट में हम Shiv Chalisa Meaning को सबसे सरल और आसान हिंदी भाषा में समझेंगे —
ताकि हर भक्त शिव चालीसा के हर शब्द का भाव समझ सके और भक्ति और गहरी हो सके।
आइए सरल अर्थ सहित पूरी शिव चालीसा पढ़ते हैं।
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🕉️ ॥ दोहा ॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत संतन प्रतिपाला॥
भाल चंद्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥
अर्थ:
हे पार्वतीपति शिव, आप दीनों पर दया करने वाले हैं और संतों का हमेशा पालन करते हैं। आपके मस्तक पर चंद्रमा और कानों में सर्पों के कुण्डल शोभा देते हैं।
🔱 १. शिव चालीसा हर लाइन का आसान अर्थ (Shiv Chalisa Meaning)
जय गिरिजापति गौरीशंकर। दीनन हित नित्य तुम्ही अंकुर॥
अर्थ:
हे गौरीशंकर, आप सदैव दीन-दुखियों के सहायक हैं।
नन्दी गणेश तुम्हारे दासा। सनकादिक ब्रह्मादि गासा॥
अर्थ:
नंदी और गणेश आपके सेवक हैं, और सनक-सनंद, ब्रह्मा आदि भी आपकी स्तुति करते हैं।
तुम्हें जागत जगत पितामा। लोकपाल जहाँ से सब कामा॥
अर्थ:
आप इस संसार के पिता हैं और सब लोकों के रक्षक। संसार का हर कार्य आपकी शक्ति से चलता है।
जटा में गंग बहत सुहायी। त्रिपुरारी हरिहर गुन गायी॥
अर्थ:
आपकी जटाओं में बहती गंगा अत्यंत सुंदर लगती है। भगवान विष्णु भी आपकी महिमा गाते हैं।
कनक समान तनु तव शोभा। अगम निरूपम नित सब लोभा॥
अर्थ:
आपका शरीर सोने जैसा तेजस्वी और अनोखा है, जिसे देखकर सभी प्रभावित हो जाते हैं।
वामदेव काल रूप धारी। धूलिधूसर आरो ब्रह्मचारी॥
अर्थ:
कभी आप शांत वामदेव रूप में, तो कभी कालरूप में प्रलयकारी बनते हैं। आप तपस्वी और ब्रह्मचारी भी हैं।
रावण रामेश्वर जाके। नाथ नाम भजे सबाके॥
अर्थ:
रावण ने भी आपका पूजन किया था और भगवान राम भी आपको रामेश्वर कहकर प्रणाम करते हैं।
ब्राह्मण को मारि लंका जलायी। जरा याद राखहु शिव मुनिभाई॥
अर्थ:
रावण ने माता सीता को हरकर पाप किया, जिससे उसकी लंका जल गई। यह सब शिवजी की इच्छा और न्याय है।
जो कोई शिव पद ध्यान लगावे। काल ताहि कुछ करि न भावे॥
अर्थ:
जो आपका ध्यान करता है, उस पर काल (मृत्यु) भी प्रभाव नहीं डाल सकता।
नारी मृगया धरि रावण मारी। प्रभु पद पाशु मोचन कारी॥
अर्थ:
हे प्रभु, आप पशु जैसे मन को भी मोक्ष देते हैं और उसके बंधन खोल देते हैं।
कैलाशपति जनहितकारी। हरहु नाथ मम संकट भारी॥
अर्थ:
हे कैलाशपति, आप सबका भला करने वाले हैं। कृपया मेरे सभी कष्ट दूर कीजिए।
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🕉️ २. शिव की महिमा – सरल अर्थ
नमो नमः शिवाय शंभो। नमो नमः हर हर महादेवो॥
अर्थ:
हे शिव, बार-बार आपको नमस्कार। हे महादेव, आपकी ही महिमा संसार में फैली है।
तुम करुणा के सागर दाता। जग तारण आदिनाथ विधाता॥
अर्थ:
आप दया के सागर और सबको देने वाले हैं। आप ही जगत के रक्षक और पालनकर्ता हैं।
रोग हरो दुख दूर कराहा। भक्ति प्रदान सदा सुखदाहा॥
अर्थ:
हे शिव, आप सभी रोगों और दुखों को दूर करते हैं, भक्तों को सुख और भक्ति देते हैं।
🌼 ३. शिव चालीसा के अंतिम श्लोक – सरल अर्थ
जो यह पढ़ै शिव चालीसा। होय सिद्धि साखे गौरीसा॥
अर्थ:
जो कोई शिव चालीसा पढ़ता है, उसे गौरीशंकर की कृपा से सिद्धि और सफलता मिलती है।
पाठ करै मन पावन होई। सब पापों की होति मिटई॥
अर्थ:
नियमित पाठ से मन पवित्र होता है और पाप मिट जाते हैं।
भक्ति भाव से जब कोई गावे। प्रभु प्रसन्न सहज ही आवे॥
अर्थ:
जो प्रेम और भक्ति से यह चालीसा गाता है, उस पर शिवजी तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं।
महिमा अपरंपार तुम्हारी। जय जय त्रिपुरारी बलिहारी॥
अर्थ:
हे शिव, आपकी महिमा अथाह है। त्रिपुरारी (त्रिपुर दानव का विनाश करने वाले), आपको बार-बार प्रणाम।
🌟 ४. Shiv Chalisa Meaning – सार रूप में
- शिव चालीसा शिव की करुणा, शक्ति और कृपा का वर्णन करती है
- यह मन, शरीर और आत्मा को शांत करती है
- संकट, भय और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है
- यह भक्त की भावनाओं को शिवभक्ति से जोड़ती है
- नियमित पाठ से मन में स्थिरता और जीवन में सफलता मिलती है
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FAQs
क्योंकि अर्थ समझकर पढ़ने से भक्ति और भावना दोनों बढ़ते हैं।
हाँ, इसे किसी भी समय और किसी भी दिन पढ़ सकते हैं।
हाँ, यह मन को शांत करके सकारात्मक ऊर्जा लाती है।
नहीं, सरल हिंदी में पूरी तरह समझा दिया गया है।
हाँ, भक्ति और सच्चे भाव से पढ़ने पर वे तुरंत कृपा करते हैं।
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