🌌 अर्द्रा नक्षत्र 2026 तिथि व समय – संपूर्ण मार्गदर्शिका

By JayGuruDev

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Ardra Nakshatra 2026 dates and time Hindu calendar guide

अर्द्रा नक्षत्र 2026 वैदिक ज्योतिष में अत्यंत गहन, प्रभावशाली और रूपांतरणकारी नक्षत्र माना जाता है। इसका स्वामी रुद्र रूप में भगवान शिव हैं। अर्द्रा नक्षत्र का प्रतीक जल-बिंदु (आंसू) है, जो दुख, शुद्धिकरण और परिवर्तन का संकेत देता है। यह नक्षत्र भावनात्मक मुक्ति, कर्म-विनाश, नई शुरुआत और आध्यात्मिक जागरण से जुड़ा हुआ है।

इस संपूर्ण हिंदी गाइड में आपको मिलेगा—
✔ अर्द्रा नक्षत्र 2026 की सभी तिथियाँ और समय
✔ नक्षत्र का अर्थ, प्रतीक, महत्व
✔ पौराणिक कथा
✔ ज्योतिषीय प्रभाव
✔ उपाय, उपचार, दोष-निवारण
✔ क्या करें, क्या न करें
✔ किसे सबसे अधिक लाभ मिलता है

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📅 अर्द्रा नक्षत्र 2026 – तिथि और समय (भारतीय पंचांग अनुसार)

नीचे 2026 में अर्द्रा नक्षत्र की सभी तिथियाँ दी गई हैं। इन दिनों में रुद्राभिषेक, शिव मंत्र जाप, साधना और मानसिक शुद्धिकरण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


👉 जनवरी 2026

प्रारंभ: 10 जनवरी 2026 – सुबह 11:04 बजे
समाप्त: 11 जनवरी 2026 – दोपहर 12:22 बजे


👉 फ़रवरी 2026

प्रारंभ: 7 फ़रवरी 2026 – रात 08:20 बजे
समाप्त: 8 फ़रवरी 2026 – रात 09:42 बजे


👉 मार्च 2026

प्रारंभ: 7 मार्च 2026 – सुबह 02:32 बजे
समाप्त: 8 मार्च 2026 – सुबह 04:00 बजे


👉 अप्रैल 2026

प्रारंभ: 3 अप्रैल 2026 – सुबह 10:18 बजे
समाप्त: 4 अप्रैल 2026 – दोपहर 11:45 बजे


👉 मई 2026

प्रारंभ: 1 मई 2026 – शाम 07:11 बजे
समाप्त: 2 मई 2026 – रात 08:30 बजे


👉 जून 2026

प्रारंभ: 30 मई 2026 – सुबह 03:22 बजे
समाप्त: 31 मई 2026 – सुबह 04:40 बजे


👉 जुलाई 2026

प्रारंभ: 27 जून 2026 – सुबह 10:32 बजे
समाप्त: 28 जून 2026 – दोपहर 11:46 बजे


👉 अगस्त 2026

प्रारंभ: 25 जुलाई 2026 – शाम 05:40 बजे
समाप्त: 26 जुलाई 2026 – शाम 06:58 बजे


👉 सितंबर 2026

प्रारंभ: 23 अगस्त 2026 – रात 12:55 बजे
समाप्त: 24 अगस्त 2026 – सुबह 02:22 बजे


👉 अक्टूबर 2026

प्रारंभ: 20 सितंबर 2026 – सुबह 09:10 बजे
समाप्त: 21 सितंबर 2026 – सुबह 10:32 बजे


👉 नवंबर 2026

प्रारंभ: 18 अक्टूबर 2026 – शाम 05:10 बजे
समाप्त: 19 अक्टूबर 2026 – शाम 06:20 बजे


👉 दिसंबर 2026

प्रारंभ: 15 नवंबर 2026 – रात 12:21 बजे
समाप्त: 16 नवंबर 2026 – रात 01:44 बजे


🔱 अर्द्रा नक्षत्र का अर्थ और प्रतीक

“अर्द्रा” का अर्थ है — गीला, नम, या आँसू।
यह मन की शुद्धि और भावनात्मक मुक्त‍ि का प्रतीक है।

मुख्य प्रतीक:

✔ जल-बिंदु / आँसू
✔ तूफ़ान
✔ परिवर्तन

शक्ति (शक्ति / पावर):

भावों का संहार और नई ऊर्जा का निर्माण।

देवता:

भगवान रुद्र (शिव का उग्र रूप)

इस नक्षत्र में किया गया साधना, शिव-पूजन और ध्यान अत्यधिक फलदायी माना जाता है।

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🌑 अर्द्रा नक्षत्र का पौराणिक महत्व

पुराणों में अर्द्रा नक्षत्र को भगवान शिव के उग्र, संहारक और परिवर्तनकारी रूप से जोड़ा गया है।
शिव का तांडव—जो विनाश नहीं बल्कि नई सृष्टि की शुरुआत है—उसी ऊर्जा का प्रतिनिधित्व अर्द्रा करती है।

✔ दुख का अंत
✔ आंतरिक शक्ति का जागरण
✔ नकरात्मकता का नाश
✔ नई शुरुआत का संकेत


🔮 अर्द्रा नक्षत्र 2026 का ज्योतिषीय प्रभाव

2026 में अर्द्रा नक्षत्र भावनाओं, निर्णयों, मानसिक स्थिति और जीवन-परिवर्तन पर गहरा असर डालेगा।

किसे सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा?

● मिथुन राशि (Gemini) वाले
● अर्द्रा नक्षत्र में जन्मे लोग
● राहु महादशा/अंतरदशा वाले
● मानसिक तनाव झेल रहे लोग

मुख्य प्रभाव:

✔ भावनाओं का शुद्धिकरण
✔ नई सोच का जन्म
✔ आध्यात्मिक जागरण
✔ पुराने संबंधों / बंधनों का टूटना
✔ कर्म-बंधन का नाश
✔ जीवन में परिवर्तन की शुरुआत


🕉 अर्द्रा नक्षत्र पर क्या करें? (2026 के लिए सर्वोत्तम उपाय)

1. रुद्राभिषेक करें

शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाएँ।

2. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप (108 बार)

मन, शरीर और ऊर्जा को शुद्ध करता है।

3. ध्यान और प्राणायाम

इस दिन मानसिक शांति तेजी से प्राप्त होती है।

4. उपवास या सात्त्विक भोजन

आंतरिक ऊर्जा को बढ़ाता है।

5. अध्यात्म पर ध्यान

शिव तांडव स्तोत्र पढ़ना विशेष शुभ है।


⚠️ अर्द्रा नक्षत्र में क्या न करें?

✘ गुस्सा न करें
✘ बड़े फैसले न लें
✘ उधार देने से बचें
✘ विवाद, झगड़े से दूर रहें
✘ भारी निवेश या नई शुरुआत न करें


🌟 अर्द्रा नक्षत्र के आध्यात्मिक लाभ

● गहरी मानसिक शुद्धि
● कर्म बंधन से मुक्ति
● नई ऊर्जा का संचार
● अंतर्ज्ञान का विकास
● आत्म-चेतना और जागरण
● जीवन में नया अध्याय शुरू होने का संकेत

FAQs – अर्द्रा नक्षत्र 2026

अर्द्रा नक्षत्र किसका प्रतीक है?

यह दुख, परिवर्तन और शुद्धिकरण का प्रतीक है।

अर्द्रा नक्षत्र में पूजन क्यों महत्वपूर्ण है?

क्योंकि यह भगवान रुद्र की उग्र ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है।

अर्द्रा नक्षत्र किन लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है?

मिथुन राशि और अर्द्रा नक्षत्र में जन्मे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

इस दिन कौन सा मंत्र श्रेष्ठ है?

“ॐ नमः शिवाय” और शिव तांडव स्तोत्र।

क्या अर्द्रा नक्षत्र नए काम शुरू करने के लिए शुभ है?

नहीं, यह ज्यादा आंतरिक शुद्धि और आध्यात्मिकता का समय है।

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