सोमवार का दिन अपने-आप में अलग होता है।
हवा में भी जैसे थोड़ी शांति होती है…
मन भी बाकी दिनों से ज़्यादा शिव की ओर जाता है।
बहुत लोग कहते हैं —
“सोमवार को मन जल्दी शांत हो जाता है।”
“सोमवार को भगवान शिव का नाम अपने-आप याद आता है।”
Ground सच यही है —
सोमवार सिर्फ हफ्ते का दिन नहीं,
ये मन को reset करने का दिन है।
इसीलिए आज का शिव मंत्र सिर्फ बोलने के लिए नहीं,
बल्कि मन से महसूस करने के लिए है।
🌸 आज का शक्तिशाली शिव मंत्र (Monday Special)
👉 ॐ नमः शिवाय ॥
Om Namah Shivaya
ये पाँच अक्षर का मंत्र है,
लेकिन असर ऐसा… जैसे मन पर पानी डाल दिया हो।
• ॐ – ऊर्जा
• नमः – समर्पण
• शिवाय – शांति
मतलब सीधा है:
“मैं अपने अंदर की अशांति शिव को सौंपता हूँ।”
🔱 इस मंत्र को सोमवार को क्यों विशेष माना जाता है?
क्योंकि सोमवार सीधे “सोम” से जुड़ा है —
और सोम का अर्थ है मन।
शिव को “चंद्रशेखर” कहा गया है —
जिनके मस्तक पर चंद्रमा है।
यानि…
सोमवार = मन
शिव = मन के स्वामी
इस दिन शिव मंत्र का असर मन पर सबसे तेज़ होता है।
जो बेचैनी है,
जो डर है,
जो उलझन है —
सबसे पहले वहीं शांति उतरती है।
🧘♂️ आज शिव मंत्र कैसे जपें (बिल्कुल सरल तरीका)
कोई बड़ा नियम नहीं।
बस ये 4 बातें कर लो:
- सुबह या शाम शांत जगह बैठो
- आँख बंद करो
- मन में शिव का ध्यान लाओ
- 11, 21 या 108 बार बोलो:
👉 ॐ नमः शिवाय
ना तेज़, ना दिखावे में।
ऐसे बोलो जैसे अपने आप से बात कर रहे हो।
🌿 इस मंत्र का असली असर कहाँ दिखता है?
लोग अक्सर पूछते हैं —
“इससे मिलेगा क्या?”
Ground experience में जो सबसे common बातें निकलती हैं, वो ये हैं:
• मन हल्का होता है
• नींद बेहतर होती है
• गुस्सा कम होता है
• डर धीमा पड़ता है
• फोकस बढ़ता है
• अंदर स्थिरता आती है
ये चमत्कार नहीं है।
ये मन का संतुलन है।
🪔 आज सोमवार को एक छोटा सा प्रयोग करो
आज सिर्फ 5 मिनट निकालो।
मोबाइल साइड में रखो।
किसी को दिखाने के लिए नहीं।
धीरे-धीरे 21 बार:
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
फिर 1 मिनट चुप बैठ जाओ।
और देखो —
मन की आवाज़ कैसी लगती है।
🧠 जो लोग रोज़ करते हैं, वो एक बात कहते हैं
“समस्या कम नहीं हुई…
लेकिन उसे संभालने की ताकत आ गई।”
यही शिव मंत्र का असली फल है।
📌 आज का भाव
शिव से कुछ माँगने से पहले,
आज सिर्फ इतना कहो:
“जो है, वही ठीक है।”
यही शिव भाव है।
❓FAQs
ॐ नमः शिवाय – आज का सरल और सबसे शक्तिशाली मंत्र।
क्योंकि सोमवार मन और शिव दोनों से जुड़ा है।
कम से कम 11 बार, अच्छा हो तो 108 बार।
हाँ, शिव मंत्र मन और भाव से चलता है।
सुबह स्नान के बाद या रात को सोने से पहले।







