Mahadev Aarti in Hindi हर शिव भक्त के लिए बेहद पवित्र और भावनात्मक आरती है।
“ॐ जय शिव ओंकारा” भगवान शिव की सबसे प्रसिद्ध आरतियों में से एक है, जिसे मंदिरों, घरों और विशेष रूप से सोमवार, सावन और महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर गाया जाता है।
इस पोस्ट में आपको मिलेगा:
👉 पूरी Mahadev Aarti lyrics in Hindi
👉 हर श्लोक का सरल अर्थ (Meaning)
👉 और आरती का आध्यात्मिक महत्व
🔱 श्री शिव आरती – ॐ जय शिव ओंकारा (पूर्ण बोल)
ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला रुण्डमालाधारी।
चन्दन मृगमद सोहे भाले शशिधारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालनकारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुण शिव जी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥
📖 Mahadev Aarti Meaning in Hindi (सरल अर्थ)
1️⃣ ॐ जय शिव ओंकारा…
भगवान शिव स्वयं ओंकार स्वरूप हैं। ब्रह्मा, विष्णु और महेश — तीनों उन्हीं में समाए हुए हैं।
2️⃣ एकानन चतुरानन पंचानन…
शिव जी के एक, चार और पांच मुख वाले स्वरूप हैं। वे हंस, गरुड़ और नंदी वाहन पर विराजमान हैं।
3️⃣ दो भुज चार चतुर्भुज…
भगवान शिव के अनेक रूप हैं, जिन्हें देखकर तीनों लोक मोहित हो जाते हैं।
4️⃣ अक्षमाला वनमाला…
वे रुद्राक्ष माला, वनमाला धारण करते हैं और उनके मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित है।
5️⃣ श्वेताम्बर पीताम्बर…
शिव जी अलग-अलग रूपों में वस्त्र धारण करते हैं और देव, ऋषि व गण उनके साथ रहते हैं।
6️⃣ कर के मध्य कमंडलु…
उनके हाथों में कमंडल, चक्र और त्रिशूल है। वे सुख देने वाले और दुख हरने वाले हैं।
7️⃣ ब्रह्मा विष्णु सदाशिव…
ओंकार में ही ब्रह्मा, विष्णु और शिव तीनों का एकत्व है।
8️⃣ त्रिगुण शिव जी की आरती…
जो भक्त श्रद्धा से शिव आरती करता है, उसे मनचाहा फल प्राप्त होता है।
🌸 Mahadev Aarti का महत्व
Mahadev Aarti करने से:
✔️ मन को शांति मिलती है
✔️ नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
✔️ भय और दुख कम होते हैं
✔️ भक्ति और विश्वास बढ़ता है
✔️ घर में सकारात्मक वातावरण बनता है
विशेष रूप से सोमवार, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि पर शिव आरती का बहुत बड़ा महत्व है।
🙏 Mahadev Aarti कब करें?
• सुबह स्नान के बाद
• शाम को दीपक जलाकर
• सोमवार और सावन के महीने में
• महाशिवरात्रि की रात
• किसी भी संकट या मनोकामना के समय
❓ FAQs – Mahadev Aarti in Hindi
👉 “ॐ जय शिव ओंकारा” सबसे प्रसिद्ध Mahadev Aarti है।
👉 हाँ, रोज करना बहुत शुभ माना जाता है।
👉 मानसिक शांति, भय से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
👉 हाँ, श्रद्धा सबसे जरूरी है, उपवास अनिवार्य नहीं।
👉 सुबह ब्रह्म मुहूर्त या शाम की पूजा में।
🕉️ ॐ नमः शिवाय 🙏
शिव कृपा आप सभी पर बनी रहे।






