Bhairav Sabar Mantra – चारों दिशाओं से रक्षा करने वाला मंत्र

By JayGuruDev

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Bhairav Sabar Mantra for protection from all directions

Bhairav Sabar Mantra भारतीय शैव और लोक-तांत्रिक परंपरा में एक रक्षक मंत्र के रूप में जाना जाता है। यह मंत्र विशेष रूप से भैरव बाबा की कृपा, सुरक्षा और संकटों से रक्षा के लिए जपा जाता है।

मान्यता है कि भैरव देव भगवान शिव के उग्र रूप हैं और वे न्याय, सुरक्षा तथा क्षेत्रपाल के रूप में भक्तों की रक्षा करते हैं। इसीलिए Bhairav Sabar Mantra को चारों दिशाओं से रक्षा करने वाला मंत्र भी कहा जाता है।

यह मंत्र साधक के जीवन में साहस, आत्मविश्वास, शांति और स्थिरता लाने वाला माना जाता है।


भैरव साबर मंत्र क्या है?

शाबर मंत्र वे मंत्र होते हैं जो:

  • सरल और लोकभाषा में होते हैं
  • आम साधकों के लिए बनाए गए माने जाते हैं
  • गूढ़ वैदिक छंदों की अपेक्षा भाव और श्रद्धा पर आधारित होते हैं

भैरव साबर मंत्र विशेष रूप से:

  • भय-निवारण
  • आत्म-रक्षा
  • संकट-नाश
  • नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा

जैसे उद्देश्यों से जुड़ा माना जाता है।


चारों दिशाओं से रक्षा करने वाला भैरव साबर मंत्र

मंत्र:

॥ॐ जय भैरव बाबा, कर भक्तो की रखवाली,
न करे तो माता की आन॥

मंत्र का सरल अर्थ

इस मंत्र में साधक भैरव बाबा से सीधी प्रार्थना करता है कि वे अपने भक्त की हर प्रकार से रक्षा करें।
यह मंत्र भक्त और देवता के बीच अटूट विश्वास को दर्शाता है, जहाँ भक्त पूर्ण समर्पण के साथ भैरव बाबा को पुकारता है।


Bhairav Sabar Mantra के प्रमुख लाभ

नियमित जप से निम्न लाभ बताए जाते हैं:

  • सभी प्रकार के भय से मुक्ति
  • शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
  • मानसिक साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि
  • दुर्घटनाओं और अनहोनी से बचाव
  • स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक शांति
  • आर्थिक स्थिरता और समृद्धि
  • विवाह और पारिवारिक बाधाओं में राहत
  • वाणी में प्रभाव और स्पष्टता
  • आध्यात्मिक उन्नति और भक्ति-भाव

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Bhairav Sabar Mantra Jap Vidhi (Informational)

यहाँ दी गई विधि परंपरागत जानकारी के रूप में है:

1. दिन और अवधि

  • मंगलवार और शनिवार विशेष माने जाते हैं
  • 11 से 21 दिनों का जप प्रचलित है

2. समय (मुहूर्त)

  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त
  • या रात्रि में 12 बजे के बाद

3. जप की तैयारी

  • स्वच्छ स्थान
  • लाल वस्त्र
  • भैरव बाबा का चित्र या मूर्ति
  • दीपक और रुद्राक्ष माला

4. जप संख्या

  • न्यूनतम: 108 बार
  • अधिकतम: 11 माला (1188 बार)

⚠️ यह विधि श्रद्धा और संयम के साथ अपनाई जाती है, किसी प्रकार का भय या दबाव नहीं होना चाहिए।


मंत्र जप के दौरान आवश्यक नियम

  • नियमितता बनाए रखें
  • स्नान के बाद ही जप करें
  • सात्विक भोजन करें
  • नकारात्मक सोच से बचें
  • एक ही स्थान और समय चुनें
  • मन को एकाग्र रखें

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सावधानियाँ (बहुत ज़रूरी)

  • मंत्र का उच्चारण शांत और स्पष्ट रखें
  • दिखावे या अहंकार से जप न करें
  • बिना श्रद्धा जप न करें
  • आध्यात्मिक विषयों में गुरु-मार्गदर्शन लाभकारी माना जाता है

यह मंत्र आस्था और भक्ति से जुड़ा विषय है, इसे भय या अंधविश्वास से नहीं जोड़ना चाहिए।


Bhairav Sabar Mantra से जुड़े सामान्य प्रश्न

Q1. भैरव साबर मंत्र कब जपना चाहिए?
मंगलवार या शनिवार से शुरुआत करना शुभ माना जाता है।

Q2. क्या यह मंत्र रात्रि में जप सकते हैं?
हाँ, विशेष रूप से मध्यरात्रि के बाद।

Q3. कौन-सी माला उपयोग करनी चाहिए?
रुद्राक्ष माला को श्रेष्ठ माना जाता है।

Q4. कितने दिन जप करना चाहिए?
11 से 21 दिन सामान्य रूप से बताए जाते हैं।

Q5. क्या यह मंत्र केवल सुरक्षा के लिए है?
मुख्य रूप से सुरक्षा, शांति और स्थिरता के लिए माना जाता है।


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