Shani Dash Namani Stotram भगवान Shani Dev की एक अत्यंत छोटी लेकिन बहुत प्रभावशाली स्तुति है। ऐसा माना जाता है कि यदि कोई भक्त सुबह के समय शनि देव के इन दस नामों का श्रद्धा से पाठ करता है, तो कुंडली में स्थित शनि के नकारात्मक प्रभाव, विशेष रूप से साढ़ेसाती और ढैय्या, काफी हद तक शांत हो जाते हैं।
यह स्तोत्र शनि के 8वें और 12वें भाव से संबंधित दोषों को भी कम करने में सहायक माना गया है। शनि देव कर्मफल दाता हैं—वे किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
🪐 शनि देव का आध्यात्मिक स्वरूप
शनि देव को अनुशासन, न्याय और सत्य का प्रतीक माना जाता है। वे हमें धैर्य, आत्मसंयम और ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हैं।
- शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है, इसलिए वे हमारे हर कर्म पर बारीकी से दृष्टि रखते हैं।
- वे किसी भी प्रकार के शॉर्टकट को स्वीकार नहीं करते।
- बुरे कर्म करने वालों को दंड और अच्छे कर्म करने वालों को सम्मान व उन्नति प्रदान करते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव सूर्य देव और छाया देवी के पुत्र हैं। उनके भाई यम और मनु माने जाते हैं। शनि का वाहन गिद्ध है और उनका वर्ण श्याम (काला) बताया गया है।
🕉️ शनि दशनामानि स्तोत्र (संस्कृत पाठ)
शनि दशनामानि स्तोत्र
कोणस्थः पिंगलो बभ्रुः कृष्णो रौद्रान्तको यमः ।
सौरिः शनैश्चरो मन्दः पिप्पलादेन संस्तुतः ॥
एतानि दशनामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत् ।
शनैश्चरकृतः पीडा न कदाचित् भविष्यति ॥
📜 Roman Transliteration
Kōṇasthaḥ piṅgalō babhruḥ kr̥ṣṇō raudrāntakō yamaḥ ।
Sauriḥ śanaiścarō mandaḥ pippalādēna sanstutaḥ ॥
Ētāni daśanāmāni prātarutthāya yaḥ paṭhēt ।
Śanaiścara-kr̥taḥ pīḍā na kadācit bhaviṣyati ॥
🔍 शनि दशनामानि स्तोत्र का अर्थ (Meaning)
जो व्यक्ति प्रातःकाल उठकर शनि देव के इन दस नामों का पाठ करता है,
उसे शनि ग्रह द्वारा दी जाने वाली पीड़ा कभी नहीं सताती।
यह स्तोत्र शनि दोष, साढ़ेसाती और जीवन में आने वाली बाधाओं से रक्षा करता है।
🕯️ शनि देव और शनिवार का महत्व
हिंदू धर्म में शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है। मान्यता है कि:
- शनिवार को हनुमान जी को तेल चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।
- शनि देव न्यायप्रिय हैं, इसलिए वे केवल कर्मों के आधार पर फल देते हैं।
🪔 Shani Dwadash Naam (12 Names of Shani – संक्षिप्त अर्थ)
Kunee, Sanaischaro, Manda, Chhaya Hridaya Nandana,
Marthandaja, Sourie, Pathangee, Gruha Nayaka,
Brahmanya, Kroora Karma, Neela Vasthro, Anjana Dhuthi
अर्थ (संक्षेप में):
- टेढ़े पाँव वाले, धीमी गति से चलने वाले
- छाया देवी के प्रिय पुत्र
- सूर्य देव के पुत्र
- ग्रहों के स्वामी
- नीले वस्त्र धारण करने वाले, श्याम वर्ण वाले
जो व्यक्ति प्रातःकाल इन बारह नामों का जप करता है:
- उसे शनि का भय नहीं रहता
- धन, आयु और यश की प्राप्ति होती है
- अनेक जन्मों तक शुभ फल मिलते हैं
- संकट की स्थिति में भी ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त होती है
🌼 Shani Dash Namani Stotram के लाभ
- शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत
- मानसिक भय और तनाव में कमी
- कर्मों के प्रति जागरूकता और अनुशासन
- जीवन में स्थिरता, धैर्य और न्याय की भावना
- दीर्घकाल में आध्यात्मिक व भौतिक उन्नति
🙏 नोट (भक्तों के लिए):
शनि देव से डरने की नहीं, बल्कि अपने कर्म सुधारने की आवश्यकता होती है। नियमित जप, संयमित जीवन और सत्य कर्म ही शनि कृपा का सबसे बड़ा उपाय है।







