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अगर सनातन धर्म में किसी एक देवता को “सबसे सरल और सबसे गहरा” कहा जाए —
तो वो हैं भगवान शिव।
ना उन्हें सोने का सिंहासन चाहिए,
ना राजमहल…
एक मिट्टी का शिवलिंग, थोड़ा सा जल, और सच्चा भाव —
यही Shiv Puja Vidhi का असली आधार है।
लेकिन समस्या आज ये है कि लोग पूजा तो करते हैं…
पर उन्हें नहीं पता:
• शिव पूजा का वास्तविक अर्थ क्या है
• सही विधि क्या है
• क्या करना चाहिए, क्या नहीं
• और सबसे बड़ी बात — शिव किस भाव से प्रसन्न होते हैं
इस pillar guide में आपको Shiv Puja Vidhi सिर्फ “steps” में नहीं मिलेगी,
बल्कि उसके पीछे का Sanatan science, spiritual logic और अनुभवजन्य सत्य भी मिलेगा।
🔱 Shiv Puja का असली अर्थ क्या है?
“शिव” का मतलब सिर्फ एक देवता नहीं…
शिव का अर्थ है – कल्याण, शून्य, चेतना और संतुलन।
शिव पूजा का मतलब सिर्फ फूल-जल चढ़ाना नहीं है।
Shiv Puja Vidhi असल में एक inner cleansing process है।
जब आप शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं —
आप अपने अंदर की गर्मी, अहंकार, अशांति को शांत कर रहे होते हैं।
जब आप “ॐ नमः शिवाय” बोलते हैं —
आप अपने ही अस्तित्व को ब्रह्मांड के rhythm से align कर रहे होते हैं।
यही कारण है कि शिव पूजा:
• मन को स्थिर करती है
• डर कम करती है
• और व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाती है
🌿 Sanatan में शिव पूजा को सबसे उच्च क्यों माना गया?
सनातन ग्रंथों में शिव को कहा गया है:
👉 देवों के देव (Mahadev)
👉 भोलेनाथ
👉 आदियोगी
👉 नीलकंठ
👉 संहार और करुणा – दोनों का स्रोत
Shiv Puja Vidhi इसलिए विशेष है क्योंकि शिव:
• पूजा की मात्रा नहीं देखते
• सामग्री नहीं देखते
• दिखावा नहीं देखते
वो सिर्फ भाव (intention) देखते हैं।
एक सच्चा आँसू भी शिवलिंग पर गिर जाए —
तो वह हजार मंत्रों से भारी हो जाता है।
🪔 Shiv Puja Vidhi से पहले क्या तैयारी होनी चाहिए?
बहुत लोग पूजा शुरू कर देते हैं,
लेकिन तैयारी को हल्के में लेते हैं।
सनातन में माना गया है —
“पूजा से पहले की स्थिति ही पूजा का फल तय करती है।”
✔ शारीरिक तैयारी
• स्नान करें
• साफ कपड़े पहनें
• पूजा स्थान स्वच्छ रखें
• मोबाइल, क्रोध, शोर से दूरी
✔ मानसिक तैयारी
• 2 मिनट आँख बंद करके बैठें
• मन में एक ही वाक्य रखें:
“हे शिव, मैं आपको नहीं, खुद को शुद्ध करने आया हूँ।”
यही भाव Shiv Puja Vidhi को साधना बनाता है।
🔔 Shiv Puja की सामग्री (सिंपल लेकिन सही)
Shiv Puja Vidhi में भारी सामान जरूरी नहीं।
जरूरी ये है कि जो भी हो, श्रद्धा से हो।
• जल
• दूध (कभी-कभी)
• बेलपत्र
• धतूरा / भांग (अगर उपलब्ध हो)
• सफेद फूल
• चंदन
• दीपक
• धूप
• नैवेद्य (फल काफी है)
ध्यान रहे:
शिव पूजा में तुलसी और केतकी फूल नहीं चढ़ाए जाते।
🕉️ Step-by-Step Shiv Puja Vidhi (Daily Puja)
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यह basic daily Shiv Puja Vidhi है —
जो घर में कोई भी कर सकता है।
1️⃣ आचमन और संकल्प
थोड़ा जल हाथ में लेकर मन में बोलें:
“मैं यह शिव पूजा अपने शुद्धिकरण और कल्याण हेतु कर रहा/रही हूँ।”
2️⃣ दीप प्रज्वलन
दीपक जलाकर कहें:
“अज्ञान का नाश हो, चेतना जाग्रत हो।”
3️⃣ अभिषेक
शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल चढ़ाएँ।
जल सिर्फ बाहर नहीं गिरना चाहिए,
मन के भीतर भी बहना चाहिए।
4️⃣ बेलपत्र अर्पण
हर बेलपत्र के साथ मन में एक नकारात्मकता छोड़ें।
5️⃣ चंदन, फूल, धूप
ये बाहरी नहीं —
ये आपके अंदर के गुणों का प्रतीक हैं।
6️⃣ मंत्र जप
कम से कम 11 बार:
👉 ॐ नमः शिवाय
7️⃣ क्षमा प्रार्थना
“जाने-अनजाने में जो भूल हुई हो, हे शिव, क्षमा करना।”
यही पूर्ण Shiv Puja Vidhi है।
🌙 विशेष शिव पूजा कब करें?
Shiv Puja Vidhi हर दिन फल देती है,
लेकिन कुछ समय ऐसे हैं जब इसका प्रभाव कई गुना हो जाता है:
• सावन महीना
• सोमवार
• प्रदोष व्रत
• महाशिवरात्रि
• अमावस्या की रात
• ध्यान काल (ब्रह्म मुहूर्त)
इन दिनों की गई शिव पूजा,
मन के बहुत गहरे संस्कारों को छूती है।
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🧠 शिव पूजा के पीछे का आध्यात्मिक विज्ञान
शिवलिंग को सिर्फ “पत्थर” समझना,
सनातन को सतही समझना है।
शिवलिंग की संरचना:
• ऊपर – आकाश तत्व
• बीच – अग्नि तत्व
• नीचे – पृथ्वी तत्व
जब आप जल चढ़ाते हैं —
तो आप पाँचों तत्वों को संतुलित कर रहे होते हैं।
यही कारण है कि Shiv Puja Vidhi:
• anxiety कम करती है
• focus बढ़ाती है
• emotional healing करती है
• और कई बार unexplained inner stability देती है
⚠️ शिव पूजा में की जाने वाली आम गलतियाँ
• दिखावे की पूजा
• जल्दबाज़ी में मंत्र
• गुस्से में बैठना
• शिव को “मांगने की मशीन” समझना
• पूजा के बाद फिर वही गलत कर्म
सनातन में कहा गया है:
“शिव को धोखा नहीं दिया जा सकता,
क्योंकि शिव आपके भीतर बैठे हैं।”
🕊️ शिव पूजा से जीवन में क्या बदलता है?
सच्ची Shiv Puja Vidhi:
• इंसान को शांत बनाती है
• ego कम करती है
• डर को शक्ति में बदलती है
• और व्यक्ति को भीतर से स्थिर करती है
बहुत से साधक कहते हैं:
“शिव पूजा से problem खत्म नहीं हुई,
लेकिन मैं problem से बड़ा हो गया।”
यही शिव का असली वरदान है।
📿 क्या बिना मूर्ति शिव पूजा हो सकती है?
हाँ। और बहुत गहरी होती है।
अगर शिवलिंग न हो तो:
• आँख बंद करें
• साँस देखें
• और “सो-हम” का भाव रखें
क्योंकि शिव बाहर नहीं,
अंदर प्रकट होते हैं।
🔚 निष्कर्ष
Shiv Puja Vidhi कोई धार्मिक formal ritual नहीं है।
यह एक inner alignment process है।
शिव को फूल नहीं चाहिए,
शिव को सजावट नहीं चाहिए,
शिव को सिर्फ एक चीज चाहिए —
👉 “तुम जैसा हो, वैसा आओ।”
और यही कारण है कि
हजारों साल बाद भी शिव पूजा
आज भी उतनी ही जीवित है।
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❓ FAQs
→ रोज थोड़ी पूजा ज्यादा प्रभावी होती है बनिस्बत कभी-कभार बड़ी पूजा के।
→ हाँ, सनातन में शिव पूजा पर कोई लिंग आधारित रोक नहीं है।
→ सामग्री नहीं, मन की स्थिति।
→ हाँ, अगर भाव शुद्ध है तो मौन भी मंत्र है।
→ जब मन बदलने लगे, वही पहला असर है।






