कलश स्थापना किसी भी शुभ कार्य, पूजा, यज्ञ, गृह प्रवेश, नवरात्रि, या धार्मिक अनुष्ठान का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि सृष्टि, पवित्रता, शक्ति और देवत्व का प्रतीक है। हिंदू धर्म में कलश को देवी-देवताओं का आसन माना गया है, और इसे स्थापित करने से पूजा का संकल्प पूर्ण रूप से सिद्ध होता है।
“Kalash Sthapana Vidhi” को सही तरीके से करने पर घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इस पोस्ट में कलश स्थापना की संपूर्ण सामग्री, विधि, मंत्र और घर पर आसानी से करने योग्य स्टेप्स दिए गए हैं।
🌼 कलश स्थापना का आध्यात्मिक महत्व
कलश जीवन का प्रतीक है—
• नीचे मिट्टी – पृथ्वी
• पानी – जीवन और ऊर्जा
• नारियल – बुद्धि और समर्पण
• आम पत्ते – शुभता और वृद्धि
• स्वस्तिक – मंगल
• सुपारी – स्थिरता और शक्ति
जब कलश स्थापित होता है, तो यह संकल्प, शांति और शक्ति का आह्वान बन जाता है।
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🪔 कलश स्थापना के लिए आवश्यक सामग्री
1. मिट्टी या धातु का कलश
2. स्वच्छ जल
3. गंगाजल
4. रोली, हल्दी
5. चावल
6. आम के पत्ते (5 से 7)
7. नारियल
8. लाल कपड़ा
9. मौली (लाल धागा)
10. सुपारी
11. पंचरत्न (वैकल्पिक)
12. फूल
13. अक्षत
14. कलश पर स्वस्तिक बनाने के लिए कुमकुम
15. मिट्टी का चौका
16. जौ या गेहूं (प्रवाहित बीज)
सामग्री सरल है, अधिकतर हर घर में उपलब्ध रहती है।
🌿 Kalash Sthapana Vidhi – घर पर करने की पूरी विधि
1. पूजा स्थान की शुद्धि
पहले पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
जहाँ कलश स्थापित होगा वहाँ थोड़ा चावल या जौ फैलाएँ।
2. चौक बनाना
हल्दी–कुमकुम से सुंदर चौक बनाएं और उस पर चावल रखें।
3. कलश को शुद्ध करना
कलश को गंगाजल से छिड़कें।
फिर उस पर स्वस्तिक बनाएं और मौली बांधें।
4. कलश में जल भरना
कलश में—
• स्वच्छ जल
• थोड़ा गंगाजल
• फूल
• अक्षत
• सुपारी
• सिक्का
• पंचरत्न (हो तो डालें)
यह देवताओं का आह्वान माना जाता है।
5. आम के पत्ते रखना
कलश के मुंह पर 5 या 7 आम के पत्ते इस तरह रखें कि वे बाहर की तरफ फैलें।
ये पत्ते शुभता और वृद्धि का प्रतीक हैं।
6. नारियल रखना
नारियल को लाल कपड़े में बांधें और मौली से सुरक्षित करें।
अब नारियल को कलश के ऊपर विराजित करें।
7. देवी-देवताओं का आह्वान
कलश को देवी शक्ति, देवगण और ग्रह-नक्षत्रों का आसन माना जाता है।
इसलिए स्थापना के बाद दीप और अगरबत्ती जलाएं।
यह पूरी प्रक्रिया लगभग 8–10 मिनट में पूरी हो जाती है।
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🕉 कलश स्थापना मंत्र (घर पर बोले जाने योग्य सरल मंत्र)
✔ 1. कलश पूजन मंत्र
“ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः।”
✔ 2. जल भरने का मंत्र
“ॐ अप्सु अन्तर्यामी देवताभ्यो नमः।”
✔ 3. आम पत्ते स्थापित करते समय
“ॐ अमृताय नमः।”
✔ 4. नारियल स्थापित करते समय
“ॐ श्री फलाय नमः।”
✔ 5. पूर्ण स्थापना मंत्र
“ॐ देवी-देवताभ्यः नमः,
इदं कलशं संस्थापयामि।”
ये मंत्र सरल, शुद्ध और घरेलू पूजा के लिए उपयुक्त हैं।
🕯 नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व
नवरात्रि के पहले दिन कलश को माँ दुर्गा का रूप माना जाता है।
9 दिनों तक—
• दिया जलता है
• जौ उगाए जाते हैं
• हर दिन देवी के रूप की पूजा की जाती है
यदि Vidhi सही हो, तो घर में अद्भुत सकारात्मकता और ऊर्जा फैलती है।
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📘 कलश स्थापना PDF मार्गदर्शन – क्या शामिल करें?
अगर आप अपनी वेबसाइट पर PDF देना चाहें तो उसमें शामिल होना चाहिए:
• सामग्री सूची
• विधि की स्टेप-दर-स्टेप गाइड
• सभी मंत्र
• कलश की फोटो
• शुभ मुहूर्त (वैकल्पिक)
मैं चाहें तो अभी आपके लिए PDF फॉर्मेट वाला टेक्स्ट भी तैयार कर सकता हूँ।
🌙 घर पर कलश स्थापना में होने वाली आम गलतियाँ
• खाली कलश रखते हैं (इसमें जल होना जरूरी है)
• गलत दिशा में स्थापना
• पुराने सूखे पत्ते रखना
• नारियल को बिना कपड़े के रखना
• कलश को झुकाकर रखना
ध्यान रहे, कलश हमेशा सीधा, स्थिर और शुद्ध होना चाहिए।
❓ FAQs
सुबह के समय, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त अत्यंत शुभ माना जाता है।
हाँ, यह शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक है।
नहीं, नारियल अनिवार्य माना जाता है।
हाँ, श्रद्धा और शुद्ध मन से कोई भी कर सकता है।
नहीं, यह विशेष पर्वों, गृह प्रवेश, मुहूर्त और नवरात्रि में किया जाता है।
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